अभ्युदय भवन एवं उपासक साधना केन्द्र का भव्य-आध्यात्मिक लोकार्पण

-शांतिदूत से मंगलपाठ का श्रवण कर सुराणा परिवार ने किया भवन का लोकार्पण
-लोकार्पण से पूर्व महासभा के कार्यकर्ताओं और उपासक-उपासिकाओं द्वारा एक घण्टे तक चला जप अनुष्ठान
-साथ ही उपासक सेमिनार का भी हुआ मंगल शुभारम्भ, गुरुवर ने दिया प्रशिक्षण
-तेरापंथ प्रबोध व व्यवहार बोध की रचना स्थली है ‘अभ्युदय भवन’


27.02.2026, शुक्रवार, लाडनूं, डीडवाना-कुचामन (राजस्थान) :

योगक्षेम वर्ष के दौरान जैन विश्व भारती परिसर में शुक्रवार को जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी की पावन सन्निधि में ‘संस्था शिरोमणि’ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के नवनिर्मित अभ्युदय भवन एवं उसके अंतर्गत उपासक साधना केन्द्र का भव्य एवं आध्यात्मिक रूप में लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ। शुभ मुहूर्त में भवन के लोकार्पण से पहले महासभा के कार्यकर्ताओं और उपासक-उपासिकाओं द्वारा एक घण्टा जप अनुष्ठान का भी क्रम रहा। ज्ञातव्य है कि यह अभ्युदय भवन ‘तेरापंथ प्रबोध’ व ‘व्यवहार बोध’ की रचना स्थली के रूप में भी सुविख्यात है।  

आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में आयोजित लोकार्पण समारोह में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के प्रधान न्यासी श्री सुरेशचन्द गोयल ने आचार्यश्री की अभिवंदना करते हुए आचार्यश्री के समक्ष भवन में संदर्भ में जानकारी प्रदान की। भवन के निर्माणकर्ता व अनुदानदाता श्री जयंतीलाल सुराणा, उपासक श्रेणी के संयोजक श्री सूर्यप्रकाश श्यामसुखा ने अपनी आस्थासिक्त अभिव्यक्ति दी। आचार्यप्रवर से मंगलपाठ का श्रवण कर श्री जी. जयंतीलाल, विजय, सुयश सुराणा परिवार ने नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया।

परम पूज्य गुरुदेव ने ने इस शुभ अवसर पर कृपापूर्ण मंगल आशीर्वाद प्रदान किया एवं उपासक सेमिनार में संभागी उपासक-उपासिकाओं को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उपासक साधना केंद्र का प्रायोगिक शुभारंभ भी किया।

लोकार्पण समारोह से संदर्भित कार्यक्रम का संचालन महासभा के उपाध्यक्ष श्री संजय खटेड़ व संगठन मंत्री श्री निर्मल गोखरू ने आभार ज्ञापित किया। इस दौरान निर्माण कार्य में निष्ठापूर्ण परिश्रम करने वाले महासभा कार्य समिति सदस्य श्री बाहुबली भंसाली आदि महासभा कार्यसमिति के अनेक महानुभावों सहित योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति, जैन विश्व भारती, जैन विश्व भारती मान्य विश्वविद्यालय, आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान, पारमार्थिक शिक्षण संस्था, अमृतवाणी आदि अनेक केन्द्रीय संस्थाओं व कई संस्थाओं के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अभ्युदय भवन एवं उसके अंतर्गत उपासक साधना केन्द्र के लोकार्पण के साथ उपासक श्रेणी के योगक्षेम वर्ष में आयोज्य प्रथम सेमिनार भी विधिवत प्रारम्भ हुआ।