अभ्युदय

महासभा ने सन् 1992 में देशभर की सभी सभाओं को अपने साथ और अधिक निकटता जोड़ने, महासभा की गतिविधियों से निरंतर उन्हें अवगत कराते रहने, समय समय पर उन्हें कार्यक्रमों के सन्दर्भ में निर्देशन देने, उनकी गतिविधियों को परिपत्र के माध्यम से अन्य सभाओं व समाज तक पहुँचाने की दृष्टि से एक परिपत्र ‘अभ्युदय’ का प्रकाशन प्रारंभ किया। महासभा के लाडनूं शाखा कार्यालय से यह परिपत्र देशभर लगातार सभी सभाओं को निःशुल्क भेजा जाता है। इस परिपत्र के स्वरुप में समय समय पर परिवर्तन होते रहते हैं। आज यह परिपत्र आपकी संवाद की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में विद्यमान है।