पूज्य सन्निधि में आयोजित हुआ सेवा संकल्प स्वीकृति उत्सव

-महासभा की नवनिर्वाचित टीम ने गुरु सन्निधि में लिया दायित्वों का शपथ

-महासभा के माध्यम से धर्मसंघ की होती रहे धार्मिक-आध्यात्मिक सेवा : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

-महासभा के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक व मुख्यमुनिश्री ने पूरी टीम को किया वर्धापित

25 जनवरी को प्रातःकाल जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल सन्निधि में गत 24 जनवरी को महासभा के वार्षिक साधारण सभा में आगामी सत्र 2026-28 के नवनिर्वाचित पदाधिकारीगण उपस्थित हुए। आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में निवनिर्वाचित टीम के शपथ ग्रहण समारोह को ‘सेवा संकल्प स्वीकृति उत्सव’ के रूप में समायोजित किया गया। 

‘सेवा संकल्प स्वीकृति उत्सव’ का शुभारम्भ सभा गीत के साथ हुआ। निवर्तमान अध्यक्ष श्री मनसुखलाल सेठिया ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री महेन्द्र कुमार नाहटा तथा पंच मण्डल के सदस्यों को शपथ दिलाई तथा नवनिर्वाचित अध्यक्ष महोदय ने नव निर्वाचित प्रधान न्यासी श्री सुरेशचन्द गोयल तथा अन्य ग्यारह न्यासीगणों को शपथ दिलाई। आचार्यश्री ने सभी को मंगलपाठ सुनाया। 

तदुपरान्त नवनिर्वाचित प्रधान न्यासी श्री सुरेशचन्द गोयल ने अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति दी। नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री महेन्द्र कुमार नाहटा ने भी अपनी श्रद्धाभिव्यक्ति देते हुए अपनी नवीन टीम की घोषणा की, जिनमें पदाधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं- निवर्तमान अध्यक्ष श्री मनसुखलाल सेठिया (भुवनेश्वर), वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री हितेन्द्र मेहता (इन्दौर), उपाध्यक्षगण- श्री विजय चौपड़ा (गुवाहाटी), श्री समीर वकील (मुम्बई), श्री संजय खटेड़ (दिल्ली), श्री प्रकाश डाकलिया (सूरत), श्री फूलचंद छत्रावत (सूरत), श्री मांगीलाल बोथरा (जयगांव), श्री प्रकाशचन्द लोढ़ा (बेंगलुरु), महामंत्री- श्री विनोद बैद (कोलकाता), सहमंत्रीगण- श्री नवीन पारख (सिलीगुड़ी), श्री सुबोध पुगलिया (जयपुर), श्री पुलकित बैद (कोलकाता), संगठन मंत्री- श्री निर्मल गोखरू (भीलवाड़ा), सह संगठन मंत्री- श्री कुलदीप सुराणा (लुधियाना), कोषाध्यक्ष- श्री मदन मरोठी (कोलकाता), सह कोषाध्यक्ष- श्री रोहित सुराणा (कोलकाता)। अध्यक्ष महोदय ने अपनी सम्पूर्ण टीम को शपथ दिलाई। तदुपरान्त उन्होंने पूरी टीम के साथ आचार्यश्री से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। 

जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनिश्री विश्रुतकुमारजी ने कहा कि आज महासभा के नए कार्यकाल का शुभारम्भ हुआ है। गुरुदेव की महासभा पर अति विशिष्ट कृपा रहती है, तभी तो गुरुदेव ने आज के इतने व्यस्ततम समय में भी महासभा की टीम को इतना समय प्रदान किया है। महासभा सदैव धर्मसंघ की सेवा में तत्पर रहती है। महासभा का यह कार्यकाल भी धर्मसंघ की गरिमा को बढ़ाने वाला हो। 

मुख्यमुनिश्री महावीरकुमारजी ने कहा कि आज का दिन तेरापंथ धर्मसंघ में बहुत महत्त्वपूर्ण दिन है और आज के दिन तेरापंथ धर्मसंघ की महत्त्वपूर्ण संस्था शिरोमणि जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा की नवीन टीम का शपथ ग्रहण हुआ है। महासभा के कार्यों से सम्पूर्ण धर्मसंघ को लाभ मिलता रहे। 

परम पावन आचार्यश्री महाश्रमणजी ने मंगल प्रतिबोध प्रदान करते हुए कहा कि जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा की नई टीम का निर्वाचन अथवा मनोनयन हुआ है। यह एक बहुत बड़ा अच्छा और विराट तंत्र है। समाज के लिए यह बहुत अच्छी बात है कि महासभा का इतना विराट तंत्र है। इतने कार्यों से महासभा जुड़ी हुई है। महासभा की लोकतांत्रिक प्रणाली के साथ-साथ गुरुतांत्रिक प्रणाली भी जुड़ी हुई है। सभी लोगों व कार्यकर्ताओं में तथा जिन्होंने अपने दायित्व का संकल्प स्वीकार किया है, सभी में धार्मिक-आध्यात्मिक उत्साह बना रहे। अपने धर्म-ध्यान की साधना भी चले, धर्मसंघ की रीति-नीति का ध्यान रखते हुए खूब बड़े प्रसन्न मन से महासभा के माध्यम से धर्मसंघ की धार्मिक-आध्यात्मिक सेवा करते रहें, मंगलकामना।