‘संस्था शिरोमणि’ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा में सत्र 2026-28 के लिए नवनिर्वाचन

-श्री महेन्द्र कुमार नाहटा अध्यक्ष तथा श्री सुरेशचन्द गोयल प्रधान न्यासी के रूप में हुए निर्वाचित

-साथ ही 11 न्यासीगण व तीन पंच मण्डल सदस्यों के निर्वाचन की हुई घोषणा

छोटी खाटू में आयोजित त्रिदिवसीय 162वें मर्यादा महोत्सव के दूसरे दिन अर्थात् माघ शुक्ला षष्ठी, तदनुसार 24 जनवरी को युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी से मंगलपाठ का श्रवण कर ‘संस्था शिरोमणि’ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के 112वीं वार्षिक साधारण बैठक का प्रारम्भ हुआ। इस बैठक में आगामी सत्र 2026-28 के पदाधिकारियों का निर्वाचन भी निर्धारित था। इससे पूर्व वार्षिक साधारण सभा में महासभा के वर्तमान अध्यक्ष श्री मनसुखलाल सेठिया, मुख्य न्यासी श्री महेन्द्र कुमार नाहटा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री हितेन्द्र मेहता, उपाध्यक्ष श्री समीर वकील, उपाध्यक्ष श्री विजय चौपड़ा ने गत कार्यकाल में किए गए विशेष कार्यों की अवगति प्रदान की। महासभा के महामंत्री श्री विनोद बैद ने वार्षिक प्रतिवेदन एवं आय-व्यय विवरण प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2024-26 में हुए महासभा के महनीय योगदान व कार्यों की जानकारी देते हुए सफल कार्यकाल हेतु सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। छोटी खाटू तेरापंथी सभा के अध्यक्ष डालमचन्द धारीवाल ने भी अपनी भावाभिव्यक्ति दी। 

तदुपरान्त महासभा के आगामी सत्र 2026-28 के लिए चुनावी प्रक्रिया का कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। मुख्य चुनाव अधिकारी श्री ललित दुगड़ (चेन्नई) तथा सह चुनाव अधिकारी श्री गणेश बोथरा (बीकानेर) तथा श्रीमती सुमन नाहटा (दिल्ली) रहीं। आगामी कार्यकाल के लिए प्राप्त आवेदनों के आधार पर चुनाव अधिकारी श्री ललित दुगड़ ने महासभा के अध्यक्ष पद हेतु श्री महेन्द्र कुमार नाहटा (सरदारशहर-दिल्ली) और श्री सुरेशचन्द गोयल (हांसी-कोलकाता) को प्रधान न्यासी के रूप में निर्वाचित होने की घोषणा की। इसके साथ श्री संजय सुराणा (सूरत), श्री जसराज मालू (दिल्ली), श्री कमल किशोर ललवानी (कोलकाता), श्री नरेन्द्र नखत (इरोड), श्री बाबूलाल बोथरा (कोलकाता), श्री नगराज बरमेचा (कोलकाता), श्री शुभकरण बोथरा (दिल्ली), श्री नरेन्द्र पोरवाल (अहमदाबाद), श्री मुकेश बाफना (चेन्नई), श्री दिनेश बांठिया (बेंगलुरु) व श्री आशीष जैन (फरीदाबाद) न्यासी तथा श्री किशनलाल डागलिया (मुम्बई), श्री अरविंद संचेती (अहमदाबाद) व श्री सुरेन्द्र जैन (भिवानी) पंचमण्डल सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए। 

सभी चयनित पदाधिकारीगण समूहबद्ध रूप में युगप्रधान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल सन्निधि में पहुंचे और आचार्यश्री से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।