साहित्य प्रकाशन

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साहित्य प्रकाशन महासभा की महत्त्वपूर्ण गतिविधियों में से एक रही है। एक सदी पूर्व सन् 1917 में ‘जैन तत्व प्रकाश’ नामक तेरापंथ धर्मसंघ की प्रथम पुस्तिका के प्रकाशन के साथ शुरू हुई महासभा के साहित्य प्रकाशन यात्रा धर्मसंघ के मानव कल्याणकारी अवदानों के प्रचार-प्रसार के साथ संघीय प्रभावना में भी योगभूत रही है। ‘तेरापंथ इतिहास’ के सात खण्ड, आचार्य भिक्षु स्मृति ग्रंथ, आचार्य तुलसी स्मृति ग्रंथ, आचार्य तुलसी अभिनन्दन ग्रंथ, ज्योतिचरण ग्रंथ (आचार्य महाश्रमण अभिनन्दन ग्रंथ) तथा 108 खंडों में प्रकाशित आचार्य तुलसी वाङ्मय महासभा की इस साहित्यिक यात्रा की गौरवशाली उपलब्धियां हैं। महासभा द्वारा करीब 311 शीर्षकों से प्रकाशित पुस्तकें संघ की अमूल्य धरोहर हैं। स्वयं द्वारा संचालित ज्ञानशाला, उपासक श्रेणी आदि प्रवृत्तियों से संबंधित साहित्य का प्रकाशन भी महासभा स्वयं करती है। महासभा द्वारा प्रकाशित साहित्य कोलकाता स्थित महासभा मुख्यालय तथा जैन विश्व भारती के साहित्य विक्रय केन्द्र पर उपलब्ध है।