केंद्रीय संस्थाओं की जन्मदात्री

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महासभा को अनेक केन्द्रीय संस्थाओं /गतिविधियों की जन्मदात्री संस्था होने का गौरव भी प्राप्त है। तेरापंथ धर्मसंघ में दीक्षित होने के इच्छुक मुमुक्षु भाई-बहनों के शिक्षण प्रशिक्षण की व्यवस्था के उद्देश्य से महासभा द्वारा पारमार्थिक शिक्षण संस्था की स्थापना की गई एवं 31 वर्षों तक उसका व्यवस्थित संचालन भी किया गया। जैन विश्व भारती की पृष्ठभूमि के रूप में महासभा के अन्तर्गत जैन विश्व भारती विभाग स्थापित हुआ तथा युवा विभाग के रूप में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद्‌ एवं तेरापंथ महिला मंडल की पृष्ठभूमि का निर्माण हुआ। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम की स्थापना महासभा के अंतर्गत हुई। इस प्रकार ये सभी संस्थाएं महासभा से अंकुरित होकर आज तेरापंथ धर्मसंघ की केंद्रीय संस्थाओं के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं।

जैन आगमों का संपादन और प्रकाशन, संघीय साहित्य का प्रकाशन तथा प्रचार प्रसार, जैन विद्या पाठ्यक्रम का संचालन एवं उसकी परीक्षाओं का आयोजन, मेधावी छात्र प्रोत्साहन परियोजना आदि धर्मसंघ की कई महत्वपूर्ण और समाजोपयोगी गतिविधियां महासभा के आंगन में प्रसूत, पल्लवित और पुष्पित हुईं। आज वे विभिन्‍न केन्द्रीय संस्थाओं के अंतर्गत संचालित होती हुई समाज के लिए लाभप्रद बनी हुई हैं।