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महासभा का इतिहास
तेरापंथ धर्मसंघ - एक परिचय
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महासभा कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व

महासभा कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व

महासभा के संविधान के अनुसार द्विवार्षिक कार्यकाल की सम्पन्नता पर निम्नलिखित व्यक्तियों का चुनाव होता है – अध्यक्ष, प्रधान ट्रस्टी, ट्रस्टीगण, आर्बिट्रेटर । चुनाव के एक महीने के भीतर अध्यक्ष के द्वारा कार्यकारिणी का गठन मनोनयन द्वारा किया जाता है जिसकी कुल संख्या समस्त पदाधिकारियों सहित 100 होती है । अध्यक्ष के अतिरिक्त पदाधिकारियों का क्रम इस प्रकार होता है: उपाध्यक्ष – 5, महामंत्री – 1, सहमंत्री – 2, कोशाध्यक्ष – 1 कार्यकारिणी समिति के कुल 100 सदस्यों में से 80 का चयन संविधान में उल्लिखित क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर होता है, इसका क्रम इस प्रकार रहता है –

  1. राजस्थान:
    1. जोधपुर संभाग – 4
    2. अजमेर संभाग – 1
    3. उदयपुर संभाग – 4
    4. जयपुर संभाग – 2
    5. बीकानेर संभाग – 4
    6. = कुल 15

  2. हरियाणा - 2
  3. पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर – 2
  4. दिल्ली और अन्य केन्द्रशासित प्रदेश – 6
  5. बिहार और झारखण्ड – 2
  6. (1) पश्चिम बंगाल (कोलकाता के अलावा) और अंडमान – 2
    (2) कोलकाता - 25
  7. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, सिक्किम, मणिपुर और त्रिपुरा – 3
  8. उड़ीसा – 1
  9. तमिलनाडु और केरल – 3
  10. कर्नाटक – 3
  11. आंध्र प्रदेश – 2
  12. महाराष्ट्र और गोवा – 4
  13. गुजरात – 4
  14. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ – 2
  15. उत्तरप्रदेश और उत्तरांचल – 1
  16. नेपाल और अन्य देश - 3

कुल = 80

शेष 20 सदस्यों का चयन विभिन्न एफिलिएटेड सभाओं के प्रतिनिधियों में से किया जाता है।


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